Eating less gaining weight
Eating less gaining weight

क्या कम खाने पर भी आपका वज़न बढ़ता जा रहा है?

यार, एक बात बताओ- क्या आपके साथ भी ऐसा होता है कि आप दिन भर बस एक या दो रोटी ही खाते हैं, और फिर भी जब वज़न मशीन पर खड़े होते हैं, तो कांटा हिलता ही नहीं- बल्कि ऊपर जाता है?

यह सवाल मैंने अपने कई दोस्तों से सुना है- और सच कहूं तो यह बहुत अजीब लगता है जब आप मेहनत कर रहे हों, लेकिन रिजल्ट ज़ीरो हो।

असल में, कम खाने का मतलब हमेशा यह नहीं होता कि आप हेल्दी खा रहे हैं। मेरा मतलब है, शायद आप कम कैलोरी ले रहे हैं, लेकिन क्या आप सही पोषक तत्वों का संतुलन बना रहे हैं- यहीं पर अधिकांश लोग गलती करते हैं। जब हम थोड़ा खाते हैं, तो अक्सर हम ऐसी चीज़ें चुन लेते हैं जो भले ही कम मात्रा में हों, लेकिन उसमें छिपी हुई चीनी, खराब फैट या बहुत अधिक प्रोसेस्ड कार्बोहाइड्रेट भरा होता है- यह हमारे मेटाबॉलिज्म के लिए एक बड़ा झटका होता है। और एक बात है, शरीर को यह भी पता नहीं होता कि कब ऊर्जा जमा करनी है, और यह ‘भूख मोड’ में चला जाता है, जहां वह हर कैलोरी को बचाकर रखने लगता है। इसलिए, थोड़ा खाना काफी नहीं है- बल्कि क्या खा रहे हैं और कितनी मात्रा (portion) में खा रहे हैं, यह असली खेल है।

तो अब सवाल यह आता है कि हमें अपने खाने की सही मात्रा कैसे पता चले- और कौन सी चीज़ें हमारे वजन कम करने के प्रयास को सफल बनाएगी। वेट, लेट मी बॅकट्रैक- यह जानना ज़रूरी है कि आपका शरीर क्या मांग रहा है।

सही खान-पान और मात्रा का गणित

बहुत लोग सोचते हैं कि अगर हम सिर्फ फल खाएंगे या जूस पीएंगे तो वज़न कम हो जाएगा। इट्स गलत। आपको पता है, कई बार जूस में भी बहुत सारी एडेड शुगर होती है, जो आपके वज़न को तेज़ी से बढ़ा सकती है।

सही मात्रा या पोर्शन कंट्रोल को समझना बहुत आसान है, दोस्त। मैं तो हमेशा कहता हूं कि अपनी थाली को देखो- क्या उसमें प्रोटीन है? क्या उसमें फाइबर है? क्या उसमें हेल्दी फैट है? यदि आपका हर भोजन इन तीनों चीज़ों को कवर नहीं करता है- तो आपको तुरंत भूख लग जाएगी, और आप फिर से कुछ स्नैक करेंगे- भले ही वह छोटा हो, लेकिन वह काउंट होता है। बहुत काउंट होता है।

  • प्रोटीन को प्राथमिकता दें: हर खाने में दाल, पनीर, अंडे, चिकन या छोले ज़रूर शामिल करें- ये आपको लंबे समय तक भरा रखते हैं और मेटाबॉलिज्म बढ़ाते हैं। एक दिन में पर्याप्त प्रोटीन लेना बहुत ही आवश्यक होता है।
  • फाइबर आपका दोस्त है: सब्जियां, सलाद और साबुत अनाज- इसे अपनी प्लेट का आधा हिस्सा दें। यह डाइजेशन के लिए शानदार हैं और भूख को कंट्रोल करते हैं।
  • छोटे-छोटे अंतराल: दिन में तीन बड़े भोजन के बजाय, पांच या छह छोटे भोजन करें। I mean, इससे आपका शुगर लेवल स्थिर रहता है और शरीर को ऊर्जा मिलती रहती है।

और सबसे ज़रूरी बात, जो लोग अक्सर भूल जाते हैं- पर्याप्त पानी पीना। हाइड्रेशन बहुत ही क्रूशियल है। यदि आप पानी की जगह मीठी ड्रिंक्स पी रहे हैं, तो आपका वज़न बढ़ेगा ही- भले ही आप एक समय का खाना स्किप कर दें। मुझे तो लगता है कि लोग अक्सर प्यास को भी भूख समझ लेते है और तब अनावश्यक कैलोरीज़ खा लेते है।

तो अगली बार जब आप थोड़ा खाने के बावजूद वज़न बढ़ता हुआ देखें, तो सिर्फ कैलोरी नहीं, बल्कि अपनी थाली में मौजूद उन पोषक तत्वों की गुणवत्ता को देखें। आप कितनी क्वांटिटी में खा रहे हैं, यह इसकी गुणवत्ता से ज्यादा महत्वपूर्ण है। क्या आपने आज अपनी थाली का सही से विश्लेषण किया है- सोचिए?

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