नमस्ते दोस्तों! फिटनेस जर्नी में हम सब एक सवाल से जूझते हैं: जिम जाने या कसरत करने से पहले खाएं, या बाद में? अक्सर लोग सोचते हैं कि खाली पेट वर्कआउट करने से फैट जल्दी बर्न होता है, या फिर तुरंत खाने से एनर्जी मिलती है। लेकिन सच्चाई यह है कि सही समय पर सही खाना आपके परफॉर्मेंस और रिकवरी (recovery) दोनों को तय करता है। आइए, इस सवाल का जवाब एक दोस्त की तरह समझते हैं।

1. वर्कआउट से पहले खाना क्यों जरूरी है? (Pre-Workout Fuel)

वर्कआउट से पहले खाना आपके शरीर के लिए पेट्रोल का काम करता है। जब आप ज़ोरदार कसरत करते हैं, तो आपके शरीर को तुरंत इस्तेमाल के लिए एनर्जी की ज़रूरत होती है। यह एनर्जी मुख्य रूप से कार्बोहाइड्रेट (Carbohydrates) से मिलती है, जो मांसपेशियों में ग्लाइकोजन (Glycogen) के रूप में स्टोर रहती है।

खाने का लक्ष्य:

  • वर्कआउट के दौरान एनर्जी लेवल बनाए रखना।
  • थकान को देर तक टालना, ताकि आप ज़्यादा देर तक ट्रेन कर सकें।
  • ब्लड शुगर लेवल को स्थिर रखना।

क्या खाएं और कब खाएं?

अगर आपका वर्कआउट 45 मिनट या उससे ज़्यादा का है, तो कुछ खाकर जाना सबसे अच्छा है।

  • वर्कआउट से 1-3 घंटे पहले: आप एक संतुलित, मध्यम आकार का भोजन ले सकते हैं जिसमें कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट (जैसे ओट्स, ब्राउन ब्रेड, शकरकंद) और थोड़ा प्रोटीन हो।
  • वर्कआउट से 30 मिनट पहले: अगर आपके पास कम समय है, तो हल्के और जल्दी पचने वाले कार्ब्स लें। जैसे- एक केला, या कुछ मुट्ठी भर ड्राई फ्रूट्स। इस समय फैट और फाइबर से बचें, क्योंकि वे पाचन धीमा करते हैं।

2. वर्कआउट के बाद क्या खाना चाहिए? (Post-Workout Recovery)

वर्कआउट के बाद का भोजन शायद सबसे महत्वपूर्ण होता है। कसरत के दौरान आपकी मांसपेशियों में छोटे-छोटे डैमेज होते हैं और ग्लाइकोजन का भंडार लगभग खाली हो जाता है। बाद का भोजन इन दोनों कमियों को पूरा करता है।

खाने का लक्ष्य:

  • मांसपेशियों की मरम्मत और ग्रोथ (Muscle repair and growth) को बढ़ावा देना।
  • ग्लाइकोजन के खाली भंडारों को फिर से भरना।
  • शरीर को जल्दी रिकवर करने में मदद करना।

क्या खाएं और कब खाएं?

वर्कआउट खत्म होने के बाद 30 मिनट से 2 घंटे के भीतर भोजन करना आदर्श माना जाता है। इसे ‘एनाबॉलिक विंडो’ (Anabolic Window) भी कहा जाता है, हालांकि आधुनिक शोध अब इस समय सीमा को थोड़ा लचीला मानते हैं।

  • प्रोटीन: मांसपेशियों की मरम्मत और नए ऊतकों (tissues) के निर्माण के लिए प्रोटीन बहुत ज़रूरी है। व्हे प्रोटीन (Whey protein), अंडे, पनीर या चिकन सबसे अच्छे विकल्प हैं।
  • कार्बोहाइड्रेट: रिकवरी के लिए प्रोटीन के साथ कार्ब्स लेना उतना ही ज़रूरी है। कार्ब्स (जैसे चावल, आलू, फल) मांसपेशियों में एनर्जी वापस भरते हैं।

3. अगर आप खाली पेट कसरत करते हैं तो क्या होता है?

कुछ लोग ‘फास्टेड कार्डियो’ (Fasted Cardio) करते हैं- यानी खाली पेट वर्कआउट। यह आमतौर पर फैट बर्न करने के लिए किया जाता है।

  • फायदे: कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि खाली पेट कम तीव्रता वाला कार्डियो करने से फैट का उपयोग ऊर्जा के लिए अधिक हो सकता है।
  • नुकसान: खाली पेट हाई-इंटेंसिटी (High-intensity) या स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करने से परफॉर्मेंस गिर सकता है, आपको चक्कर आ सकते हैं, और लंबी अवधि में मांसपेशियों का नुकसान (Muscle loss) हो सकता है।

4. अपनी ज़रूरत के हिसाब से चुनें

पोषण का सही समय आपकी व्यक्तिगत ज़रूरतों पर निर्भर करता है:

अगर लक्ष्य है मसल बिल्डिंग (Muscle Building):

प्रोटीन और कार्ब्स दोनों को प्री-और पोस्ट-वर्कआउट डाइट में शामिल करें। खासकर ट्रेनिंग के बाद प्रोटीन ज़रूर लें।

अगर लक्ष्य है वज़न कम करना (Weight Loss):

कैलोरी इनटेक पर ध्यान दें, लेकिन एनर्जी के लिए वर्कआउट से पहले हल्का कार्ब लेना और रिकवरी के लिए प्रोटीन लेना न भूलें।

याद रखें, खाने का कोई भी नियम पत्थर की लकीर नहीं है। आपका शरीर सबसे अच्छा बताता है कि आपको क्या और कब खाना चाहिए। अगर आप कसरत के बाद भूखा महसूस करते हैं, तो ज़रूरी नहीं कि आप 2 घंटे तक इंतज़ार करें। अपने शरीर की ज़रूरतों को समझें और उसी हिसाब से डाइट प्लान करें।

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