अध्याय 1: फॉल रिवर की सर्द रातें और एक अधूरा वादा

फॉल रिवर, मैसाचुसेट्स की रात। हवा में सन अट्ठानवे की हत्याओं की बासी गंध थी, और उससे भी ज़्यादा घनी, आरव और माइरा के बीच दबी हुई हसरत की ख़ुशबू। हम ‘बॉर्डन हाउस’ की तीसरी मंज़िल पर खड़े थे, वह कमरा जहाँ ऐबी बॉर्डर को कुल्हाड़ी से मार डाला गया था। लकड़ी के फर्श चीख़ रहे थे, मानो आज भी उन खूनी कदमों के भार को ढो रहे हों।

“तुम अब भी उन चीज़ों को महसूस करती हो, है ना, माइरा?” आरव की आवाज़ इतनी धीमी थी कि वह कमरे की ठंडक में घुलकर रह गई। उसने अपनी ऊनी जैकेट ठीक की। उसकी आँखें-काली कॉफ़ी जैसी गहरी और रहस्यमयी-सीधी मेरी आँखों में झाँक रही थीं। उन आँखों में न सिर्फ़ इतिहास का आतंक था, बल्कि उस तीन साल पुरानी रात का दर्द भी था, जब हमने एक-दूसरे को खोया था।

मैंने एक लंबी साँस ली। “मैं इतिहास को महसूस करती हूँ, आरव। डर को नहीं। डर वह है जो तुम अब भी महसूस करते हो-मेरे पास होने का डर।”

हमारा रिश्ता हमेशा से ऐसा ही रहा है: एक हॉन्टेड जगह, एक अनसुलझा रहस्य, और एक-दूसरे के प्रति अथाह आकर्षण जिसे हम हमेशा नकारते रहे। मैं, माइरा, एक ट्रॅवल ब्लॉगर और पैरा-हिस्टोरियन, जो भूतों के साये में सच ढूँढ़ती है। वह, आरव, एक बेस्टसेलिंग रहस्य उपन्यासकार, जो हर चीज़ को तर्क की कसौटी पर कसता है, सिवाय मेरे शरीर की उस गर्मी के जो उसे खींचती है।

हमने पूरी रात के लिए इस कुख्यात घर को बुक किया था। हमारा लक्ष्य स्पष्ट था: यह पता लगाना कि 1892 में हुए इस वीभत्स हत्याकांड के पीछे वास्तव में लिज़ी Borden थी, या कहानी में कोई और भी मोड़ था। और शायद, एक-दूसरे के अनसुलझे रहस्य को भी सुलझाना।

आरव ने हाथ में रखा EMF मीटर बंद किया। “ज़ीरो रीडिंग। केवल तुम्हारी धड़कनें तेज़ हैं।”

“हाँ, और तुम्हारे चेहरे पर वह तनाव जो बताता है कि तुम यहाँ किसी भूत को ढूँढ़ने नहीं आए हो। तुम यहाँ मुझे खोने आए हो।”

आरव एक कदम आगे बढ़ा। कमरे की पुरानी हवा अचानक घनी हो गई। उसके परफ्यूम की तेज़ कस्तूरी गंध मेरे अंदर तक उतर गई। उसकी उँगलियाँ मेरे गाल को छूते-छूते रुक गईं। उस स्पर्श में एक दशक की प्यास थी।

“हम एक पेशेवर काम पर हैं, माइरा,” उसने धीरे से कहा। लेकिन उसकी आवाज़ में पेशेवरपन नहीं, एक गहरी खरोंच थी।

“और इसीलिए हमने सबसे छोटा कमरा, यानी ऐबी का कमरा चुना है, जहाँ हत्या हुई थी, ताकि हम एक-दूसरे की साँसें सुन सकें?” मैंने चुनौती दी।

अंधेरे और पुराने महोगनी फर्नीचर के बीच, हमारी आँखें मिलीं। और फिर, एक अप्रत्याशित क्षण में, कमरे की अलमारी का दरवाज़ा चरमराहट के साथ खुला। बिजली चली गई।

अध्याय 2: अँधेरे में साये की दस्तक और दहकती चाहत

सर्दियों की रात का सन्नाटा ऐसा था कि अगर कोई सुई भी गिरती, तो वह किसी की चीख़ जैसी लगती। बिजली गुल होने से कमरा गाढ़े, अपारदर्शी अँधेरे में डूब गया। केवल दूर से आती स्ट्रीटलाइट की फीकी किरणें खिड़की के शीशों पर अटक रही थीं।

“आरव,” मैंने फुसफुसाया। यह डर की आवाज़ नहीं थी, यह सिर्फ़ एक चेतावनी थी।

उसने तुरंत अपनी जेब से शक्तिशाली टॉर्च निकाली। लेकिन वह टॉर्च नीचे ज़मीन पर गिरी और लुढ़ककर बिस्तर के नीचे चली गई।

“ठीक है, यह मज़ाक नहीं है,” आरव ने थोड़ा ज़ोर से कहा। “यहाँ कोई है। शायद कोई दूसरा टूरिस्ट अंदर घुस आया हो।”

हम दोनों ने बिस्तर के पास घुटने टेके। ज़मीन ठंडी थी, और हवा में अचानक एक अजीब-सी, सड़ी हुई मिठास फैल गई-पुराने खून की गंध, जो अक्सर कहा जाता है कि इस घर में महसूस होती है।

आरव टॉर्च ढूँढ़ने के लिए बिस्तर के नीचे हाथ डाल रहा था। तभी, मेरे पीछे, ठीक मेरे कान के पास, एक ठंडी साँस महसूस हुई। यह साँस थी ही नहीं, यह तो तापमान का अचानक गिर जाना था, जो किसी अदृश्य उपस्थिति का संकेत होता है।

“आरव! मेरे पीछे…”

इससे पहले कि मैं कुछ कहती, एक हाथ मेरे कंधे पर पड़ा। वह इतना ठंडा था कि मेरे शरीर की सारी गर्मी सोख ली। मैंने डर से नहीं, बल्कि उस अचानक, जबरन हुई निकटता से चीख़ मारी।

आरव तुरंत उठ खड़ा हुआ, उसने मुझे पीछे खींच लिया, अपनी मज़बूत बाँहों में भर लिया। उस क्षण, वह रहस्यवादी उपन्यासकार नहीं था-वह मेरा आरव था, मेरा रक्षक।

“कोई नहीं है,” उसने मेरे बालों में फुसफुसाया। “सिर्फ़ हवा।”

“नहीं,” मैं काँप रही थी, लेकिन यह डर ठंडक से उपजा था। “यह हवा नहीं थी। यह एक इरादा था। एक स्पर्श।”

वह पीछे मुड़ा, उसकी पीठ बिस्तर से सट गई। उसने मुझे कसकर पकड़ लिया। उस जगह पर जहाँ कुछ मिनट पहले एक अदृश्य चीज़ खड़ी थी, अब सिर्फ़ उसका शरीर था, जो मेरे शरीर से सटे होने के कारण धधक रहा था। रहस्य और डर ने हमेशा हमारे बीच की दीवारों को तोड़ दिया था।

“अगर कोई हमें देख रहा है,” आरव ने धीरे-से कहा, उसकी आवाज़ मोटी और नियंत्रण से बाहर हो रही थी, “तो उन्हें देखने दो। मैं अब और इंकार नहीं कर सकता।”

आरव ने अपने हाथ मेरे चेहरे के किनारे रखे। उसके अंगूठे ने मेरे निचले होंठ को धीरे से सहलाया। हम इस हत्यारे घर के बीच खड़े थे, अँधेरे में, और हमारी आत्माएँ रोशनी के लिए चीख़ रही थीं।

उसने मेरी साँस चुरा ली। वह चुंबन उग्र था, भूखा था, तीन साल की उपेक्षा का गुस्सा उसमें भरा था। लिज़ी Borden का भूत चाहे मौजूद हो या न हो, हमारे बीच का भूत-अधूरा प्यार-पूरी तरह जाग चुका था।

हम दरवाज़े तक लड़खड़ाए, जहाँ दरवाज़े के ताले को अंदर से बंद करना अनिवार्य था। आरव ने मुझे अपनी बाहों में उठाया और ऐबी के विशाल, चार-पोस्ट वाले बिस्तर पर पटक दिया। बिस्तर का पुराना स्प्रिंग चीख़ पड़ा, जैसे कोई पुरानी आत्मा फिर से दर्द में कराह उठी हो।

अँधेरा हमारी ढाल बन गया। आरव ने मेरे जैकेट के ज़िपर को नीचे खींचा, उसकी उँगलियाँ मेरी कॉलरबोन पर रुकीं।

“माइरा,” वह लगभग हाँफते हुए बोला, “यह सही नहीं है। यहाँ…”

“यहाँ क्या?” मैंने चुनौती दी। “एक मृत आत्मा जो हमें न्याय दिलाने से रोकेगी? या वह डर जो तुम्हें मुझसे दूर भगाता है?”

मैंने उसकी टी-शर्ट खींच दी। उसका सीना, मज़बूत और पसीने से भीगा हुआ, अँधेरे में किसी प्राचीन मूर्ति जैसा दिखाई दिया। मेरे हाथ उसकी त्वचा पर घूम रहे थे, उन सभी कहानियों को पढ़ रहे थे जो उसने कभी नहीं लिखीं। वह आग जो हमने बुझाने की कोशिश की थी, अब इस सर्द कमरे में जंगल की आग की तरह भड़क उठी थी।

आरव ने मेरे कपड़ों को एक तरफ़ धकेल दिया। हम एक-दूसरे की त्वचा को टटोल रहे थे, क्योंकि हमारी आँखें अँधेरे में देख नहीं पा रही थीं। यह स्पर्श ही हमारा मार्गदर्शन कर रहा था। उसकी हर उँगली, हर हथेली, एक नया रहस्य खोल रही थी।

बाहर, Borden House की हवा में कुल्हाड़ी की कल्पना गूँज रही थी। लेकिन अंदर, केवल दो शरीर थे जो एक-दूसरे को जोड़कर स्वयं को जीवित साबित करना चाहते थे। जब हमारी त्वचा मिली, तो कमरे का तापमान तेज़ी से बढ़ा। यह एक विस्फोटक मिलन था, जो डर और जुनून के धागों से बुना गया था।

उसने मेरा नाम फुसफुसाया, और उस फुसफुसाहट में एक स्वीकारोक्ति थी-कि इस दुनिया में माइरा से बढ़कर कोई रहस्य नहीं है।

अध्याय 3: फर्श के नीचे का रहस्य और तीसरी उपस्थिति

जब हमारा ज्वार शांत हुआ, तो कमरे में एक अजीब-सी शांति छा गई। बिजली अब भी गुल थी। हम पसीने से भीगे हुए थे, लेकिन अब ठंड महसूस नहीं हो रही थी। हम सिर्फ़ एक-दूसरे को सुन रहे थे-हमारी तेज़ साँसें, और दिल की धड़कनें जो अभी तक तालमेल बिठाने की कोशिश कर रही थीं।

तभी, आरव अचानक उठा।

“माइरा, क्या तुमने सुना?”

मैंने सरसरी निगाहों से अँधेरे को देखा। “सिर्फ़… चुप्पी।”

“नहीं। ध्यान से सुनो। यह फर्श के नीचे से आ रहा है।”

हम बिस्तर के किनारे बैठ गए। फर्श की पुरानी लकड़ी के तख्तों से खरोंचने की एक धीमी, लयबद्ध आवाज़ आ रही थी।

“यह भूत नहीं है,” आरव ने निर्णायक रूप से कहा। “यह कोई इंसान है। एक यांत्रिक आवाज़। ऐसा लग रहा है जैसे कोई कुल्हाड़ी या कोई भारी चीज़ खींच रहा हो।”

हत्या का कमरा-ऐबी Borden का कमरा-वास्तव में पहली मंज़िल के ऊपर था जहाँ एंड्रयू Borden की हत्या हुई थी। अगर आवाज़ फर्श के नीचे से आ रही थी, तो इसका मतलब है कि कोई तहखाने या बेसमेंट में था।

आरव ने बिस्तर के नीचे पड़ी टॉर्च उठाई। उसकी तेज़ रोशनी ने कमरे के सभी अँधेरों को काट दिया। हमने जल्दी से कपड़े पहने। जुनून का समय ख़त्म हो गया था; अब रहस्य और अस्तित्व का समय था।

हम दबे पाँव दरवाज़े तक पहुँचे। ताला अंदर से बंद था। जैसे ही आरव ने कुंडी खोली, बाहर हॉलवे में एक हल्का बल्ब जल उठा। बिजली लौट आई थी।

हम नीचे की ओर बढ़े। सीढ़ियाँ इतनी ज़ोर से चीख़ रही थीं कि लगा अब सारा घर हमें सुन लेगा।

पहली मंज़िल पर, जहाँ एंड्रयू Borden की हत्या हुई थी, वहाँ का माहौल अब और भी ख़ौफ़नाक था। रसोई और खाने का कमरा शांत था, लेकिन हवा में एक भयानक खिंचाव था। खरोंचने की आवाज़ अब और तेज़ हो गई थी, और यह स्पष्ट रूप से तहखाने के दरवाज़े की तरफ़ इशारा कर रही थी।

आरव ने बंदूक़ निकाली। वह हमेशा जोखिम भरी जगहों पर जाते समय इसे साथ रखता था। “तुम मेरे पीछे रहना,” उसने धीमी आवाज़ में कहा।

जैसे ही आरव ने तहखाने का दरवाज़ा खोला, सड़ी हुई मिट्टी और पुरानी नमी की एक तेज़ लहर हमारे चेहरे से टकराई। एक पतली, नीची सीढ़ी अँधेरे में उतर रही थी।

हम नीचे उतरे। तहखाना पत्थर की दीवारों वाला, नमीयुक्त और ठंडी जगह थी। आरव की टॉर्च की रोशनी एक कोने में जा अटकी, जहाँ एक आदमी घुटनों के बल बैठा था।

वह कोई टूरिस्ट नहीं था। वह एक अधेड़ उम्र का, दुबला-पतला आदमी था, जो पुरानी सफ़ेद शर्ट पहने हुए था। उसके हाथ में एक छोटा फावड़ा था, और वह ज़मीन में खुदाई कर रहा था। उसके चेहरे पर अजीब-सी सनक थी।

“तुम्हें वहाँ क्या मिला?” आरव की आवाज़ कमांडिंग थी।

आदमी चौंका, और उसने फावड़ा नीचे गिरा दिया। उसकी आँखें जंगली थीं। वह हमें घूर रहा था, मानो वह हमारे निजी और गुप्त पलों का गवाह रहा हो।

“आप कौन हैं?” मैंने पूछा।

आदमी ने कोई जवाब नहीं दिया। इसके बजाय, उसने अपनी शर्ट की जेब से एक पुराना, मुड़ा हुआ कागज़ निकाला।

“तुम्हारी… तुम्हारी गर्मी,” उसने धीमी, कर्कश आवाज़ में कहा। “मुझे लगा कि यह वही है। उसने इसे यहाँ छुपाया था। Lizzie ने।”

आरव तुरंत समझ गया। “तुम किसी खजाने की तलाश में हो। तुम भूत बनकर हमें डरा रहे थे।”

“भूत?” आदमी हँसा। “भूत नहीं। इतिहास। मैं Borden परिवार का एक दूर का रिश्तेदार हूँ। मुझे पता था कि हत्याओं के बाद कुछ गायब हुआ था। एंड्रयू Borden के पास हीरे का एक कीमती हार था, जो लिज़ी ने कभी नहीं पाया। उसे यकीन था कि उसे वह यहाँ, तहखाने के फर्श के नीचे छुपाना पड़ा था, जहाँ उसके बच्चों ने खेलने के लिए एक गुप्त जगह बनाई थी।”

आरव ने कागज़ छीन लिया। वह एक पुराना नक़्शा था, तहखाने की वास्तुकला को दर्शाता हुआ, और एक जगह पर X का निशान बना था।

उस आदमी ने फावड़े से जो मिट्टी हटाई थी, उसके नीचे एक छोटा लकड़ी का बक्सा दिखाई दिया। जैसे ही आरव उसे छूने के लिए झुका, उस आदमी ने ज़मीन से पत्थर का एक बड़ा टुकड़ा उठाया और आरव पर झपटने की कोशिश की।

मेरे अंदर का डर और एड्रेनालिन अचानक भड़क उठा। मैं चिल्लाई और सीधे आदमी के हाथ पर लात मारी, जिससे पत्थर फिसल गया।

आरव ने उसे आसानी से काबू कर लिया, क्योंकि वह पहले से थका हुआ था। उसने बक्सा उठाया। वह बेहद भारी था।

“तो, यहाँ कोई भूत नहीं है,” आरव ने थकी हुई मुस्कान के साथ कहा। “बस एक लालची रिश्तेदार और एक पुराना रहस्य।”

अध्याय 4: सच की रोशनी और प्यार का स्थायी भूत

पुलिस को बुला लिया गया। रिश्तेदार को हिरासत में ले लिया गया। बक्से में वाकई एक शानदार, पुराना विक्टोरियन डायमंड हार था-वह लापता संपत्ति जिसने शायद Borden हत्याओं को एक नया रंग दिया था, लेकिन इतिहास ने जिस पर कभी ध्यान नहीं दिया।

सुबह की पहली किरणें Borden House के अंदर पड़ रही थीं। हम ऐबी के कमरे में बैठे थे, सब कुछ समेट रहे थे। मैंने आरव को देखा। उसका चेहरा थका हुआ था, लेकिन उसकी आँखों में एक नई चमक थी-सुलझे हुए रहस्य की चमक, और पुनर्जीवित प्यार की चमक।

“तो, हम इसे एक सफल जाँच कह सकते हैं,” आरव ने धीरे से कहा।

“हाँ,” मैंने सहमति दी। “हमने दोनों अनसुलझे रहस्य सुलझा लिए।”

आरव मेरे पास आया और उसने मेरा हाथ पकड़ा। इस बार, स्पर्श में कोई जल्दबाज़ी नहीं थी, कोई छुपने का इरादा नहीं था।

“माइरा,” उसने कहा। “यह घर भूतिया था। यह उस अधूरी इच्छा से भूतिया था जो लिज़ी ने हार के लिए पाली थी। और हम भी भूतिया थे। हम उस अधूरे प्यार से भूतिया थे जिसे हमने वर्षों तक दबाए रखा।”

उसने मेरी उँगलियों को धीरे से चूमा। “मुझे डर था। यहाँ आने से नहीं। भूत से नहीं। बल्कि इस बात से कि अगर हम फिर से इतने क़रीब आए, तो मैं तुम्हें दोबारा खो दूँगा।”

मैंने उसके गले में अपनी बाँहें डालीं। “तुम मुझे खो नहीं सकते, आरव। मैं तुम्हारे अंदर हूँ। जैसे Borden House में हत्याओं का इतिहास रहता है, वैसे ही मेरे अंदर तुम्हारा प्यार रहता है। यह एक स्थायी भूत है। और यह हमेशा मुझे वापस खींच लाएगा।”

सूरज की रोशनी खिड़की के पार आकर उस पुराने बिस्तर पर पड़ी, जहाँ रात में हमारी इच्छाएँ पूरी हुई थीं।

“तो, अब आगे क्या?” मैंने पूछा।

आरव ने हँसते हुए कहा, “अब? हम अगला सबसे Haunted Place ढूँढ़ेंगे, जहाँ हम अपनी ‘पेशेवर’ जाँच जारी रख सकें।”

उसने मुझे नीचे झुकाया, और इस बार का चुंबन एक प्रतिज्ञा थी-कि अब कोई अँधेरा, कोई रहस्य, और कोई भूत हमारे प्यार को अलग नहीं कर पाएगा। हम Borden House से बाहर निकले, वहाँ के आतंक को पीछे छोड़ते हुए, लेकिन अपने साथ उस जुनून का साया ले गए जो उस अँधेरी रात में पैदा हुआ था।

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