सर्वाइकल कैंसर जागरूकता माह: 20 की उम्र में क्यों है बचाव ज़रूरी?
जनवरी का महीना सर्वाइकल कैंसर (Cervical Cancer) जागरूकता माह के तौर पर मनाया जाता है। भारत में यह रोग महिलाओं में होने वाले सबसे आम कैंसरों में से एक है, लेकिन अच्छी खबर यह है कि सही समय पर ध्यान देकर और कुछ आसान कदम उठाकर इसे पूरी तरह से रोका जा सकता है। खासकर, 20 की उम्र वाली महिलाओं के लिए यह समय अपनी सेहत पर ध्यान केंद्रित करने का सबसे महत्वपूर्ण समय होता है।
हाल ही में, एक रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट (Radiation Oncologist) ने 20 से 29 वर्ष की महिलाओं के लिए सर्वाइकल कैंसर के खतरे को कम करने के 5 प्रभावी तरीके साझा किए हैं। यदि आप अपनी सहेली की तरह बात करना चाहते हैं, तो इन बातों को गांठ बांध लें- यह सिर्फ आपकी सेहत की बात नहीं, बल्कि भविष्य की सुरक्षा भी है।
ऑन्कोलॉजिस्ट के 5 आसान उपाय जो खतरे को कम करेंगे
विशेषज्ञों का कहना है कि सर्वाइकल कैंसर ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) के कारण होता है, जो आमतौर पर यौन संपर्क से फैलता है। 20 की उम्र में बचाव के लिए सक्रिय कदम उठाना अत्यंत आवश्यक है। यहां वे 5 तरीके दिए गए हैं जो आपको इस खतरे से दूर रख सकते हैं:
- 1. एचपीवी वैक्सीन (HPV Vaccine) ज़रूर लगवाएं: सर्वाइकल कैंसर से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका एचपीवी वैक्सीन है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि महिलाओं को यौन रूप से सक्रिय होने से पहले ही यह वैक्सीन लगवा लेनी चाहिए। यदि आप 20 की उम्र में हैं और आपने अभी तक वैक्सीन नहीं लगवाई है, तो तुरंत डॉक्टर से बात करें। यह वैक्सीन 90% से अधिक मामलों में कैंसर के मुख्य कारण (HPV संक्रमण) को रोक सकती है।
- 2. नियमित रूप से पैप स्मीयर जांच कराएं: हालांकि, आमतौर पर स्क्रीनिंग की शुरुआत 25 साल की उम्र के बाद होती है, लेकिन आपके डॉक्टर की सलाह पर आपको 20 की उम्र के अंत में नियमित पैप स्मीयर (Pap Smear) जांच शुरू कर देनी चाहिए। यह जांच सर्वाइकल क्षेत्र में किसी भी असामान्य कोशिका वृद्धि (जो कैंसर में बदल सकती है) का पता लगाती है। शुरुआती पहचान का मतलब है 100% इलाज।
- 3. सुरक्षित यौन संबंध बनाएं: चूंकि एचपीवी एक यौन संचारित संक्रमण (STI) है, इसलिए सुरक्षित यौन संबंध बनाना संक्रमण के खतरे को काफी हद तक कम कर देता है। हमेशा बैरियर मेथड (जैसे कंडोम) का उपयोग करें और अपने पार्टनर्स की संख्या सीमित रखें, ताकि संक्रमण की संभावना कम हो।
- 4. धूम्रपान से तुरंत दूरी बनाएं: यह बात शायद आपको पता न हो, लेकिन धूम्रपान (Smoking) सर्वाइकल कैंसर के विकास के लिए एक बड़ा जोखिम कारक है। तंबाकू में मौजूद रसायन शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर करते हैं और एचपीवी संक्रमण से लड़ने की क्षमता को कम कर देते हैं। यदि आप धूम्रपान करती हैं, तो इसे तुरंत छोड़ना आपकी सबसे बड़ी स्वास्थ्य प्राथमिकता होनी चाहिए।
- 5. स्वस्थ जीवनशैली और पोषण पर ध्यान दें: एक मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune System) आपके शरीर को एचपीवी सहित किसी भी संक्रमण से लड़ने में मदद करती है। संतुलित आहार लें- जिसमें खूब सारे फल और सब्जियां शामिल हों। नियमित व्यायाम करें और पर्याप्त नींद लें। अच्छी जीवनशैली न केवल कैंसर के खतरे को कम करती है, बल्कि आपके संपूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर बनाती है।
निष्कर्ष: समय पर ध्यान देना ही कुंजी है
रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट इस बात पर ज़ोर देते हैं कि 20 की उम्र में लिया गया हर छोटा कदम भविष्य में बड़े स्वास्थ्य लाभ देता है। सर्वाइकल कैंसर के शुरुआती लक्षण बहुत हल्के हो सकते हैं, जैसे असामान्य ब्लीडिंग या दर्द। इसलिए, अपने शरीर में होने वाले किसी भी बदलाव को नज़रअंदाज़ न करें और नियमित रूप से स्त्री रोग विशेषज्ञ (Gynecologist) से मिलें। जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है।








