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आज की भागदौड़ में नाश्ता क्यों छूट जाता है?

आज की व्यस्त जिंदगी में, समय बचाना हर किसी की प्राथमिकता बन गई है। सुबह की हड़बड़ी में कई लोग सबसे आसान विकल्प चुनते हैं- नाश्ता छोड़ देना। ऐसा करना आसान लग सकता है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इसका आपके शरीर पर, खासकर आपके मेटाबॉलिक-स्वास्थ्य पर क्या असर पड़ रहा है? मेडिकल-न्यूज़-टुडे की रिपोर्टें और कई शोध बताते हैं कि नाश्ता छोड़ना केवल पेट खाली रखने तक सीमित नहीं है, यह शरीर के अंदर की मशीनरी को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है।

नाश्ता और मेटाबॉलिज्म का कनेक्शन क्या है?

मेटाबॉलिज्म, या चयापचय, वह प्रक्रिया है जिसके तहत हमारा शरीर भोजन को ऊर्जा में बदलता है। जब हम रात भर सोते हैं, तो शरीर उपवास (Fasting) की स्थिति में होता है। नाश्ता इस उपवास को तोड़ता है और आपके मेटाबॉलिज्म को किक-स्टार्ट (पुनः सक्रिय) करता है।

लेकिन जब आप नाश्ता छोड़ देते हैं, तो शरीर को संकेत मिलता है कि भोजन दुर्लभ है। यह ऊर्जा को बचाना शुरू कर देता है और इंसुलिन-संवेदनशीलता (Insulin Sensitivity) पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। इसे एक दोस्त की तरह समझें- यदि आप अपनी कार को सुबह स्टार्ट नहीं करेंगे, तो वह पूरे दिन धीमी और सुस्त चलेगी।

रक्त शर्करा पर नाश्ता छोड़ने का असर

नाश्ता छोड़ने का सबसे बड़ा नुकसान रक्त-शर्करा (Blood Sugar) के नियंत्रण पर होता है।

  • इंसुलिन प्रतिरोध (Insulin Resistance): जब आप लंबे उपवास के बाद अपना अगला भोजन (जैसे दोपहर का भोजन) करते हैं, तो शरीर को अचानक से बड़ी मात्रा में ग्लूकोज संभालना पड़ता है। इसके परिणामस्वरूप इंसुलिन का एक बड़ा स्पाइक (उछाल) आता है। समय के साथ, कोशिकाएं इंसुलिन के प्रति कम प्रतिक्रियाशील हो जाती हैं, जिसे इंसुलिन-प्रतिरोध कहते हैं। यह स्थिति टाइप 2 मधुमेह की ओर ले जा सकती है।
  • अगले भोजन में अधिक कैलोरी: नाश्ता छोड़ने वाले लोग अक्सर दिन में बाद में बहुत ज़्यादा भूखे होते हैं और ज़्यादा कैलोरी वाला या अस्वास्थ्यकर भोजन खा लेते हैं। यह सीधे वजन बढ़ने और मोटापे (Obesity) के खतरे को बढ़ाता है।

पाचन तंत्र की सेहत पर नकारात्मक प्रभाव

शोधकर्ताओं ने पाया है कि जो लोग नियमित रूप से नाश्ता छोड़ते हैं, उनका मेटाबॉलिक-प्रोफाइल अक्सर खराब होता है। इसका मतलब है कि उनके शरीर में निम्नलिखित समस्याएं होने की संभावना बढ़ जाती है:

  • उच्च कोलेस्ट्रॉल स्तर (High Cholesterol Levels)
  • उच्च रक्तचाप (High Blood Pressure)
  • पेट के आसपास चर्बी जमा होना (Visceral Fat Accumulation)

ये सभी कारक मिलकर मेटाबॉलिक-सिंड्रोम का निर्माण करते हैं, जो हृदय रोग (Heart Disease) और स्ट्रोक का खतरा बढ़ा देता है।

तो, क्या हर दिन नाश्ता करना ज़रूरी है?

हाँ! विशेषज्ञों का मानना है कि सुबह के समय संतुलित और पौष्टिक नाश्ता करना मेटाबॉलिक-स्वास्थ्य को बनाए रखने की कुंजी है। इसका मतलब यह नहीं है कि आपको बहुत भारी-भरकम भोजन करना है।

अगर आपके पास समय कम है, तो भी कुछ हल्का और स्वस्थ खाने की कोशिश करें:

  • दही और फल
  • साबुत अनाज का टोस्ट
  • ओट्स या दलिया
  • थोड़े मेवे और बीज

याद रखें, नाश्ता आपकी सेहत का पहला कदम है। इसे छोड़कर आप कुछ मिनट बचा सकते हैं, लेकिन लंबे समय में आप अपने मेटाबॉलिक-सिस्टम को बड़ा नुकसान पहुँचा रहे होते हैं। अपने शरीर को उसका ईंधन दें, खासकर सुबह के समय!

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