इन दिनों बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का एक बयान बड़ी चर्चा का विषय बना हुआ है। अपने इस बयान में उन्होंने देश की जाति व्यवस्था पर एक अनोखा सुझाव पेश किया है। उनके अनुसार, भारत में केवल दो जातियों का अस्तित्व होना चाहिए – एक अमीर की जाति और दूसरी गरीब की जाति। उन्होंने यह भी कहा कि अब भारत की हर गली और मोहल्ले में सिर्फ बजरंग बली का नाम गूंजेगा और जो व्यक्ति भगवान राम के प्रति आस्था नहीं रखता, उसका कोई महत्व नहीं है। उनका कहना था कि ‘जो राम का नहीं, वह किसी काम का नहीं’।
धीरेंद्र शास्त्री ने एक विशेष कार्यक्रम में यह भी घोषणा की कि अब समय आ गया है जब भारत में जात-पात, ऊंच-नीच, छुआछूत और भेदभाव को जड़ से समाप्त कर दिया जाए। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि लोगों के सरनेम (उपनाम) तो बने रहेंगे, लेकिन सरकार को अब केवल दो जातियों की मान्यता देनी चाहिए – एक अमीर की जाति और दूसरी गरीब की जाति। धीरेंद्र शास्त्री का मानना है कि अगर सरकार इस दिशा में कदम उठाती है, तो भारत का विकास तेजी से होगा। इससे न केवल देश समृद्ध होगा, बल्कि गरीबों के साथ हो रहे अन्याय और अत्याचार की समाप्ति भी हो जाएगी।
उन्होंने आगे कहा कि अंधविश्वास को खत्म करना आज के समय की जरूरत है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे सिर्फ सरकार पर निर्भर न रहें, बल्कि खुद सरकार बनने की दिशा में आगे बढ़ें। उनका कहना था कि केवल बागेश्वर बाबा अकेले हिंदू राष्ट्र नहीं बना सकते। यदि भारत का हर युवा, हर भाई और बहन बागेश्वर बाबा की तरह अपने धर्म और कर्तव्यों का पालन करेगा, तभी जाकर हिंदू राष्ट्र की स्थापना का सपना साकार हो सकेगा।








