
दिल्ली के वसंत कुंज इलाके के एक गांव में एक पिता और उसकी चार बेटियों की मौत की घटना ने पुलिस को कई संभावित कोणों से जांच करने के लिए मजबूर कर दिया है, जिनमें से एक तंत्र-मंत्र से जुड़ा हुआ है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस घटना के पीछे तंत्र-मंत्र का संबंध हो सकता है। रविवार को पुलिस ने बताया कि इस मामले ने तब और गंभीर शक पैदा किया जब टीम ने मृत पाई गई चारों लड़कियों की कमर, हाथ और गर्दन पर लाल रंग का कलावा बंधा हुआ देखा। इसके अलावा, घटनास्थल से मिठाई का एक डिब्बा भी बरामद हुआ है, जो जांच को एक अलग दिशा में ले जा सकता है।
पिता ने बेटियों के साथ आत्महत्या की
पुलिस की जानकारी के अनुसार, 28 वर्षों से वसंत कुंज स्थित इंडियन स्पाइनल इंजरी सेंटर में बढ़ई का काम करने वाले हीरा लाल शर्मा और उनकी चार बेटियों के शव उनके घर से बरामद हुए हैं। पहली नजर में यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। पुलिस के अनुसार, हीरा लाल पिछले साल अपनी पत्नी की कैंसर से हुई मौत के बाद से गहरे भावनात्मक और आर्थिक संकट से गुजर रहे थे। पुलिस को घटनास्थल पर मिले सुरागों के आधार पर यह संकेत मिला है कि शर्मा इस कठिन परिस्थिति का सामना नहीं कर पा रहे थे, जिसके कारण उन्होंने इतना गंभीर कदम उठाया।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि हमें किराए के मकान में पांच शव मिले, जिनमें एक व्यक्ति और उसकी चार बेटियां शामिल हैं। इनमें से दो बेटियां शारीरिक रूप से दिव्यांग थीं। फोरेंसिक टीम द्वारा की गई शुरुआती जांच में यह पाया गया कि सभी मृतकों के कमर, हाथ और गर्दन पर लाल धागा (कलावा या मौली) बंधा हुआ था। इस आत्महत्या के मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अब 2018 में हुए बुराड़ी कांड से इसकी समानताओं को जोड़कर जांच करने की योजना बना रही है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि अब तक की जांच में यह सामने आया है कि हीरा लाल शर्मा ने पिछले नौ महीनों से किसी से कोई बातचीत नहीं की थी। वह और उनकी बेटियां शायद ही कभी घर से बाहर दिखाई देती थीं। उनकी पत्नी की मृत्यु के बाद से परिवार ने बाकी दुनिया से पूरी तरह से दूरी बना ली थी। घटनास्थल से मिठाई का एक डिब्बा बरामद किया गया है, और पुलिस अब मिठाई की दुकान और सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि हीरा लाल ने मिठाई और सल्फास (जहर) कहां से खरीदा और उन्होंने आखिरकार यह चरम कदम क्यों उठाया।
जांच अधिकारी ने यह भी बताया कि हीरा लाल शर्मा और उनकी चार बेटियां रंगपुरी गांव की चार मंजिला आवासीय इमारत की तीसरी मंजिल पर एक फ्लैट में रहते थे। इस इमारत में हर मंजिल पर आठ फ्लैट थे, जिनमें से ज्यादातर किराए पर दिए गए थे। शुक्रवार को जब पुलिस को शव मिले, तब उन पर किसी भी प्रकार के चोट के निशान नहीं पाए गए। पुलिस को घर से सल्फास के तीन पैकेट, पांच गिलास और एक चम्मच मिला, जिसमें संदिग्ध तरल पदार्थ था। पड़ोसियों ने दावा किया कि उन्होंने शर्मा और उनकी बेटियों को आखिरी बार मंगलवार को देखा था। इसके अलावा, गली के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में भी मंगलवार को शर्मा को हाथ में एक पैकेट लेकर अपने घर जाते हुए देखा गया था, जिससे यह संकेत मिलता है कि वह घटना से पहले कुछ विशेष तैयारियां कर रहे थे।
पुलिस ने बताया कि जब पड़ोसियों ने इमारत की तीसरी मंजिल पर स्थित फ्लैट से दुर्गंध आने की शिकायत की, तो वे मौके पर पहुंचे। इमारत के मालिक नितिन चौहान को इस बदबू के बारे में इमारत की देखभाल करने वाले कर्मचारी ने बताया, जिसके बाद उन्होंने दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। पुलिस ने दमकल विभाग की मदद से दरवाजा तोड़ा और अंदर जाकर देखा कि हीरा लाल शर्मा एक कमरे में मृत पड़े हैं, जबकि उनकी चार बेटियों के शव दूसरे कमरे में पाए गए। पुलिस ने बताया कि हीरा लाल करीब 25,000 रुपये प्रति माह कमाते थे, लेकिन जनवरी से वह काम पर नहीं जा रहे थे।
इस दुखद घटना ने पूरे इलाके में शोक और हैरानी का माहौल पैदा कर दिया है। पुलिस इस मामले की हर कोण से गहन जांच कर रही है ताकि यह समझा जा सके कि एक परिवार के इस तरह सामूहिक आत्महत्या की वजह क्या हो सकती है।







